फीफा वर्ल्ड कप में बवाल: ईरानी खिलाड़ी के ‘गन सेलिब्रेशन’ पर भड़का अमेरिका, मैच के तुरंत बाद पूरी टीम को देश से निकाला
इस समय खेल की दुनिया, फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) के मैदान और अमेरिका-ईरान के कूटनीतिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली, सनसनीखेज और बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिका में चल रहे फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान लॉस एंजिल्स के मैदान पर एक ऐसी घटना घटी है, जिसने खेल की भावना को राजनीतिक और सैन्य तनाव के अखाड़े में तब्दील कर दिया है। मैदान के बीचो-बीच एक ईरानी खिलाड़ी द्वारा किए गए ‘गन सेलिब्रेशन’ (बंदूक तानने वाले जश्न) ने ऐसा बवाल काटा है कि अमेरिकी अधिकारियों और फीफा के बीच हड़कंप मच गया। इस घटना के तुरंत बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने बेहद कड़ा और अप्रत्याशित एक्शन लेते हुए ईरानी फुटबॉल टीम को मैच खत्म होने के तुरंत बाद, बिना आराम किए रातों-रात अमेरिका की सीमा से बाहर मेक्सिको जाने का कड़ा फरमान सुना दिया।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस फीफा वर्ल्ड कप के दौरान ईरान की राष्ट्रीय टीम का मुख्य बेस कैंप पड़ोसी देश मेक्सिको में बनाया गया है। नियमों और सुरक्षा समझौतों के तहत, अमेरिकी धरती पर होने वाले हर मैच के बाद ईरान की टीम को तुरंत अपने बेस कैंप मेक्सिको लौटना होता है। लेकिन इस बार ‘गन सेलिब्रेशन’ के विवाद के बाद अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी खिलाड़ियों को सांस लेने तक का मौका नहीं दिया और उन्हें तुरंत डिपोर्ट करने के अंदाज में मेक्सिको रवाना कर दिया, जिससे फुटबॉल जगत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
🤬 ईरान के कोच आमिर घालेनोई का बड़ा आरोप: “खिलाड़ियों को आराम तक का समय नहीं दिया”
अमेरिकी अधिकारियों के इस अचानक और कड़े रुख के बाद ईरान के मुख्य फुटबॉल कोच आमिर घालेनोई का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने फीफा (FIFA) और अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों पर ईरानी टीम के साथ अमानवीय और पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। कोच आमिर घालेनोई ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी करते हुए कहा:
“मैच खत्म होते ही अमेरिकी अथॉरिटी की तरफ से हमें तुरंत मेक्सिको लौटने का एकतरफा और कड़ा आदेश दे दिया गया। इस जबरन और जल्दबाजी में की गई यात्रा से हमारे खिलाड़ियों की फिजिकल रिकवरी (शारीरिक आराम) पूरी तरह से प्रभावित हुई है। हमारा पूर्व निर्धारित प्लान यह था कि हम मैच के बाद रात को लॉस एंजिल्स के होटल में रुकेंगे और अगले दिन आराम से मेक्सिको स्थित अपने बेस कैंप वापस लौटेंगे। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने मैच के तुरंत बाद टीम को होटल जाकर थोड़ा आराम करने तक का समय नहीं दिया, जो किसी भी इंटरनेशनल एथलीट के अधिकारों का खुला उल्लंघन है।”
⚽ कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? मोहम्मद मोहेबी का वो ‘गन सेलिब्रेशन’ वीडियो
आइए आपको बताते हैं कि लॉस एंजिल्स के मैदान पर आखिरकार ऐसा क्या हुआ था जिसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच खेल के मैदान पर तलवारें खिंच गईं। दरअसल, लॉस एंजिल्स के खचाखच भरे स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ ईरान की टीम अपना बेहद महत्वपूर्ण मुकाबला खेल रही थी। इस बेहद रोमांचक और कांटे के मुकाबले में ईरान ने शानदार खेल दिखाते हुए मजबूत न्यूजीलैंड की टीम को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया।
इस मैच के दौरान ईरान के स्टार मिडफील्डर मोहम्मद मोहेबी ने मैच में टीम के लिए एक बेहद शानदार और महत्वपूर्ण गोल दागा। लेकिन गोल करने के ठीक बाद, अपनी खुशी का इजहार करने के लिए मोहेबी ने मैदान पर कैमरे के सामने अपनी उंगलियों से ‘गन सेलिब्रेशन’ (बंदूक चलाकर जश्न मनाने का इशारा) कर दिया। मोहेबी का यह गन सेलिब्रेशन वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया। अमेरिकी फैंस और दुनिया भर के कई फुटबॉल प्रेमियों ने खेल के मैदान पर हिंसा और हथियारों के इस हिंसक प्रतीक को दिखाने की तीखी आलोचना की है। सोशल मीडिया पर लगातार फैंस मांग कर रहे हैं कि खेल भावना को ठेस पहुंचाने के आरोप में मोहम्मद मोहेबी पर फीफा द्वारा तुरंत पूर्ण प्रतिबंध (Ban) लगाया जाना चाहिए।
🪧 स्टेडियम के बाहर ईरान के खिलाफ भयंकर अमेरिकी प्रदर्शन
जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भले ही करीब 4 महीने की लंबी और विनाशकारी जंग के बाद अभी हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता हुआ है, लेकिन दोनों देशों की जनता और प्रशंसकों के दिलों में मौजूद आपसी नफरत और तनाव का असर इस मैच के दौरान साफ-साफ देखा गया।
जब अंदर मैदान पर मैच चल रहा था, तब स्टेडियम के ठीक बाहर सैकड़ों की संख्या में अमेरिकी प्रशंसकों और ईरानी सरकार के विरोधियों ने हाथों में अमेरिका के झंडे लहराए और ईरानी हुकूमत व ईरानी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और उग्र प्रदर्शन किया। बाहर के इस तनावपूर्ण माहौल के कारण पूरे स्टेडियम को छावनी में तब्दील करना पड़ा था।
✈️ कप्तान मेहदी तारेमी का छलका दर्द: “सुरक्षा जांच के नाम पर हमें परेशान किया गया”
मैच के बाद और जबरन मेक्सिको भेजे जाने के दौरान ईरान के दिग्गज कप्तान मेहदी तारेमी का दर्द और गुस्सा भी मीडिया के सामने खुलकर सामने आया। कप्तान तारेमी ने अमेरिकी अथॉरिटी और फीफा के ढुलमुल रवैये की आलोचना करते हुए कहा:
“मेक्सिको के हमारे बेस कैंप से उड़ान भरकर लॉस एंजिल्स के मैदान तक पहुंचने में हमारी टीम को पूरे 5 घंटे का समय लगा। आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय एथलीटों के लिए यह समय बहुत ज्यादा नहीं होता और यात्रा काफी आसान होती है। लेकिन अमेरिका पहुंचने के बाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच (Security Check) और अन्य कूटनीतिक प्रक्रियाओं के नाम पर हमारे खिलाड़ियों को बेवजह घंटों रोककर भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी। हमें इस वैश्विक मंच पर फीफा से बहुत ज्यादा सहयोग की उम्मीद थी, लेकिन दुर्भाग्य से इस समय वर्ल्ड कप के भीतर हमारे लिए हर एक चीज को बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण बना दिया गया है।”
🎫 ईरानी वीजा और टिकटों के कोटे पर भी हुआ था भयंकर पक्षपात
ईरानी फुटबॉल टीम और उनके महासंघ (FFIRI) का आरोप है कि वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही अमेरिका जानबूझकर कूटनीतिक चालें चल रहा है, जिससे ईरानी टीम का मनोबल टूटे। ईरान की तैयारियां पहले से ही कई बड़ी प्रशासनिक समस्याओं और विवादों से घिरी हुई थीं:
- स्टाफ को वीजा देने से इनकार: अमेरिका ने ईरान फुटबॉल महासंघ के कई शीर्ष अधिकारियों, मुख्य सहयोगी स्टाफ, फिजियोथेरेपिस्ट और ईरान के मीडिया प्रतिनिधियों को वर्ल्ड कप का वीजा देने से साफ इनकार कर दिया, जिसके कारण खिलाड़ियों का मुख्य सपोर्ट सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया।
- टिकट कोटे में कटौती की धांधली: वर्ल्ड कप की शुरुआत से ठीक पहले ईरान के फुटबॉल महासंघ (FFIRI) ने फीफा के सामने यह गंभीर आरोप लगाया था कि वर्ल्ड कप मैचों के लिए ईरानी फैंस के लिए जो रिजर्व टिकटों का हिस्सा (Ticket Quota) तय किया गया था, अमेरिका ने उसमें से एक बड़ा हिस्सा वापस ले लिया। इस फैसले से उन हजारों ईरानी प्रशंसकों को बहुत बड़ा झटका लगा जिन्होंने पहले से ही मेक्सिको और अमेरिका की यात्रा के लिए लाखों रुपए की बुकिंग कर रखी थी। ईरान का कहना है कि समर्थकों को टिकट कोटे से वंचित करना फीफा के खेल भावना के पूरी तरह खिलाफ है।
🏆 अब बेल्जियम और मिस्र जैसी फौलादी टीमों से होगा महा-मुकाबला
न्यूजीलैंड के खिलाफ इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच मैच 2-2 से ड्रॉ कराने के बाद ईरान के खाते में एक अंक जरूर आया है, लेकिन उनकी आगे की राह अब बेहद कांटों भरी हो गई है। ईरान को अब अपने ग्रुप स्टेज के अगले मुकाबलों में दुनिया की सबसे मजबूत और फौलादी टीमों में शुमार बेल्जियम (Belgium) और मिस्र (Egypt) का सामना करना है। न्यूजीलैंड जैसी टीम के खिलाफ मैच ड्रॉ होने और इस ताजा गन सेलिब्रेशन विवाद के बाद पूरी ईरानी टीम पर अगले दोनों करो या मरो वाले मैचों में हर हाल में जीत दर्ज करने का भारी मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ गया है।
फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार खेल के मैदान पर हुए इस तरह के गन सेलिब्रेशन विवाद, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा ईरानी टीम को तुरंत मेक्सिको खदेड़े जाने और फीफा के इस रवैये को लेकर आपकी अपनी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि खेल के मैदान पर राजनीतिक दुश्मनी निकालना सही है? हमें नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं।