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Breaking news - World - June 12, 2026

महायुद्ध की आहट: ट्रंप की ईरान पर हमले की धमकी, भारत ने अमेरिकी राजदूत को किया तलब

इस वक्त अंतरराष्ट्रीय पटल और वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद डरावनी, बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे सीधी और भयानक सैन्य कार्रवाई की धमकी दे डाली है। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलेआम एलान किया है कि अमेरिकी सेना गुरुवार रात को ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़ा और निर्णायक सैन्य हमला शुरू करने जा रही है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि लगातार हो रहे तनाव और खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान की ज्यादातर सैन्य ताकत और उसकी डिफेंस कैपेबिलिटी पहले ही काफी हद तक कमजोर हो चुकी है, और अब अमेरिका उस पर अंतिम और सबसे बड़ा प्रहार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

लेकिन बात सिर्फ हवाई हमलों या सैन्य ठिकानों को तबाह करने तक सीमित नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला देने वाला एक और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी सेना ईरान के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण ऑयल एक्सपोर्ट सेंटर, यानी ‘खार्ग आइलैंड’ और उसके दूसरे अहम तेल-गैस ठिकानों पर वेनेजुएला की तर्ज पर पूरी तरह से अपना कब्जा जमाएगी। आपको बता दें कि खार्ग आइलैंड को पूरे ईरान के तेल निर्यात की रीढ़ की हड्डी माना जाता है। अगर अमेरिका इस पर नियंत्रण कर लेता है, तो ईरान की आर्थिक और रणनीतिक कमर पूरी तरह टूट जाएगी।

इस भयंकर वैश्विक तनाव के बीच, भारत के लिए भी एक बहुत ही गंभीर और चिंताजनक परिस्थिति खड़ी हो गई है। ओमान के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर लगातार अमेरिकी हमलों को लेकर भारत सरकार ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि अमेरिकी नौसेना ने भारतीय क्रू वाले तीसरे बड़े कमर्शियल जहाज, MT जलवीर पर भी हमला कर दिया है। इस बेहद संवेदनशील और खतरनाक हमले के वक्त जहाज पर कुल 20 भारतीय नाविक सवार थे। राहत की बात सिर्फ इतनी है कि इस हमले के बावजूद सभी 20 भारतीय पूरी तरह सुरक्षित हैं और भारतीय अधिकारियों द्वारा उन्हें उस संकटग्रस्त इलाके से सुरक्षित बाहर निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

जहाजों पर हो रहे इन लगातार हमलों को लेकर भारत के सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है। भारत सरकार ने इस बेहद गंभीर मामले पर तत्काल कड़ा एक्शन लेते हुए भारत में तैनात अमेरिकी राजदूत को विदेश मंत्रालय तलब किया। भारत ने अमेरिकी राजदूत के सामने बेहद कड़े शब्दों में अपना राजनयिक विरोध दर्ज कराया है। नई दिल्ली ने दो टूक शब्दों में वाशिंगटन को चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमाओं में व्यापारिक जहाजों और निर्दोष भारतीय नाविकों पर हो रहे ये हमले तुरंत और हर हाल में बंद होने चाहिए। भारत किसी भी कीमत पर अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

इस महायुद्ध की आहट के बीच, पिछले 24 घंटों के भीतर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 5 बहुत बड़े और हिला देने वाले अपडेट्स सामने आए हैं, जो इस तनाव की भयावहता को दर्शाते हैं:

1. जॉर्डन का बड़ा दावा- 5 ईरानी मिसाइलें हवा में मार गिराईं: जॉर्डन की सेना ने आधिकारिक तौर पर यह दावा किया है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से दागी गई 5 बड़ी मिसाइलों को बीच हवा में ही इंटरसेप्ट करके पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। जॉर्डन प्रशासन के मुताबिक, इन मिसाइलों के मलबे से उनके इलाके में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

2. ईरान का पलटवार- अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराया: ईरान की आधिकारिक तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के जाम इलाके के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे अमेरिका के बेहद आधुनिक और घातक MQ-9 रीपर ड्रोन को ईरानी सेना ने मार गिराया है। हालांकि, इस दावे पर अभी तक अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है।

3. होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ऑयल टैंकर पर अमेरिकी हमला: ओमान तट के पास अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई के सबसे मुख्य रास्ते पर एक बड़े ऑयल टैंकर पर अमेरिकी नौसेना द्वारा हमला किया गया, जिसके बाद उस जहाज पर भयंकर आग लग गई। इस प्रभावित जहाज पर 24 भारतीयों समेत कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे। इस दर्दनाक हमले में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य क्रू मेंबर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है।

4. रूस ने अमेरिका और ईरान से की संयम बरतने की अपील: मॉस्को से रूसी सरकार ने इस बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताते हुए दोनों महाशक्तियों से तुरंत सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने की पुरजोर अपील की है। रूस ने कहा है कि दोनों देशों को संयम बरतना चाहिए और युद्ध के बजाय कूटनीति तथा बातचीत के रास्ते से इस गंभीर संकट का समाधान निकालना चाहिए।

5. कतर का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा: इस भीषण सैन्य टकराव और क्षेत्रीय तनाव को कम करने के मध्यस्थता प्रयासों के तहत, कतर का एक विशेष और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आपातकालीन बातचीत के लिए ईरान की राजधानी तेहरान पहुंच चुका है। कतर की कोशिश है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले इस सीधे टकराव को किसी भी तरह टाला जा सके।

पूरी दुनिया इस वक्त थमी हुई सांसों के साथ देख रही है कि क्या गुरुवार की रात वैश्विक इतिहास की सबसे काली रातों में तब्दील होने जा रही है? क्या अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ने वाली यह जंग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लेगी? और सबसे बड़ा सवाल कि अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखकर भारतीय नाविकों को निशाना बनाने वाले अमेरिका को भारत के इस कड़े राजनयिक कदम के बाद क्या पीछे हटना पड़ेगा?

इस बेहद संवेदनशील वैश्विक संकट, राष्ट्रपति ट्रंप की युद्ध की धमकी और भारतीय जहाजों पर हुए हमलों को लेकर आपकी क्या राय है? क्या भारत को अमेरिका के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।