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Breaking news - World - June 18, 2026

रूस-यूक्रेन महायुद्ध: यूक्रेन का मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला, जेलेंस्की बोले— हमने लिया कीव की तबाही का बदला

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इस वक्त अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, रक्षा गलियारों और यूरोपीय महाद्वीप में जारी विनाशकारी महायुद्ध के मैदान से एक बेहद दहला देने वाली, सनसनीखेज और पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर धकेलने वाली महा-ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आ रही है। यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग ने अब एक ऐसा खतरनाक और खूनी मोड़ ले लिया है, जिसने क्रेमलिन से लेकर वाशिंगटन तक हड़कंप मचा दिया है। यूक्रेन की सेना ने रूस के सबसे सुरक्षित किले यानी उसकी राजधानी मॉस्को (Moscow) के भीतर घुसकर अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी ड्रोन हमला बोल दिया है। इस भीषण हमले के तुरंत बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने दहाड़ते हुए इस मॉस्को हमले की पूरी जिम्मेदारी ली है और इसे पिछले हफ्ते यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) पर रूस द्वारा की गई क्रूर सैन्य कार्रवाई का सीधा और कड़ा जवाब बताया है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि यूक्रेनी सेना के निशाने पर रूस के वो तमाम रणनीतिक और सैन्य ठिकाने थे, जो व्लादिमिर पुतिन के युद्ध अभियान को आर्थिक और तकनीकी रूप से सहारा दे रहे हैं। जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अब वह समय आ चुका है जब रूस को इस विनाशकारी युद्ध को तुरंत खत्म करने के लिए कूटनीतिक और शांति का रास्ता अपना लेना चाहिए, वरना अंजाम इससे भी ज्यादा भयानक होगा। इसके साथ ही उन्होंने इस खुफिया और बेहद जटिल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली यूक्रेन की विभिन्न सैन्य और खुफिया एजेंसियों की पीठ थपथपाते हुए उनकी बहादुरी की जमकर तारीफ की।

🌐 कजान समिट में व्यस्त थे पुतिन, यूक्रेन ने पीछे से किया बड़ा गेम

इस पूरे हमले की टाइमिंग ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विश्लेषकों को पूरी तरह हैरान कर दिया है। जिस समय यूक्रेन के आत्मघाती ड्रोनों का जत्था मॉस्को के आसमान को चीरते हुए रूसी सैन्य ठिकानों पर कहर बरपा रहा था, ठीक उसी समय रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (Vladimir Putin) राजधानी से दूर कजान (Kazan) शहर में मौजूद थे। पुतिन वहां दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शिखर बैठक (Summit) की मेजबानी कर रहे थे।

कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यूक्रेन ने जानबूझकर इस समय को चुना ताकि पुतिन को वैश्विक मंच पर भू-राजनीतिक रूप से कमजोर और असहज दिखाया जा सके। हालांकि, हमेशा आक्रामक रहने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने यूक्रेन के इस सीधे और इतने बड़े हमले पर अभी तक कोई भी सार्वजनिक या आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन क्रेमलिन के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि रूस पर्दे के पीछे से यूक्रेन पर एक बड़े और विनाशकारी पलटवार यानी ‘मदर ऑफ ऑल अटैक्स’ की रणनीति तैयार कर रहा है।

📈 2023 से युद्ध का बदला पैटर्न: अब फ्रंटलाइन से निकलकर मॉस्को तक पहुंची जंग

साल 2022 में जब इस युद्ध की शुरुआत हुई थी, तब यूक्रेन की सैन्य क्षमता और उसके ड्रोन हमले बेहद सीमित थे। वह सिर्फ अपनी सीमाओं की रक्षा करने में जुटा था। लेकिन साल 2023 में पहली बार इतिहास में ऐसा हुआ जब यूक्रेन के लंबी दूरी के ड्रोनों ने रूसी वायु सीमा को भेदकर मॉस्को की धरती को छुआ था। हालांकि, उस समय हमलों की तीव्रता बेहद कम थी और महज कुछ ही ड्रोनों का इस्तेमाल किया जाता था।

आइए इस युद्ध के बदलते पैटर्न और तकनीकी अपग्रेडेशन को इस इंफोग्राफिक चार्ट के जरिए समझते हैं:

[रूस-यूक्रेन युद्ध का बदलता पैटर्न: फ्रंटलाइन से मॉस्को तक]
       │
       ├─► 2022 (शुरुआती दौर) ───────── यूक्रेन के हमले बेहद सीमित, सिर्फ फ्रंटलाइन और सीमा तक डिफेंसिव रणनीति।
       │
       ├─► 2023 (बदलाव का साल) ──────── पहली बार यूक्रेनी ड्रोन मॉस्को पहुंचे, सीमित संख्या में रणनीतिक ठिकानों पर वार।
       │
       ├─► 2026 (मौजूदा स्थिति) ─────── यूक्रेन लंबी दूरी के हथियारों और 'डीप-स्ट्राइक' ड्रोनों से हमला करने में पूरी तरह सक्षम।
       │
       ├─► रूस का सुरक्षा कवच ───────── रूस ने मॉस्को के चारों तरफ अभेद्य 'एस-400' और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए।
       │
       └─► नया वारफेयर (Warfare) ────── युद्ध अब फ्रंटलाइन से निकलकर दोनों देशों के तेल डिपो, रिफाइनरियों और सेमीकंडक्टर प्लांट तक पहुंचा।

💰 G7 देशों का यूक्रेन के लिए हथियारों का महा-ऐलान; डोनाल्ड ट्रम्प का बड़ा बयान

मॉस्को पर यूक्रेन के इस जबर्दस्त और सफल हमले के बीच दुनिया के सबसे अमीर और ताकतवर देशों के समूह यानी G7 देशों ने यूक्रेन के पक्ष में खड़े होकर रूस के खिलाफ युद्ध की आग में घी डालने का काम किया है। G7 देशों के संगठन ने आधिकारिक साझा बयान जारी करते हुए यूक्रेन के लिए सैन्य और आर्थिक मदद को कई गुना बढ़ाने का एक बड़ा ऐलान कर दिया है।

G7 देशों की नई सैन्य और रणनीतिक सहायता के मुख्य बिंदु:

  • हथियारों की सप्लाई: यूक्रेन को आसमान से आने वाली रूसी मिसाइलों को तबाह करने के लिए और ज्यादा आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम, एडवांस इंटरसेप्टर और अत्यधिक लंबी दूरी तक मार करने वाले विध्वंसक हथियार दिए जाएंगे।
  • आर्थिक नाकेबंदी: रूस की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले उसके तेल और गैस कारोबार पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों (Sanctions) को और ज्यादा कड़ा और सख्त किया जाएगा, ताकि पुतिन के पास युद्ध के लिए फंड्स की कमी हो जाए।
  • ऊर्जा संकट से सुरक्षा: यूरोप में कड़ाके की सर्दी शुरू होने से पहले यूक्रेन की तबाह हो चुकी बिजली व्यवस्था और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अरबों डॉलर की अतिरिक्त वित्तीय मदद देने का भरोसा दिया गया है।

डोनाल्ड ट्रम्प का कूटनीतिक यू-टर्न और कड़वा सच:

इसी बीच, दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) का इस महायुद्ध पर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा बयान सामने आया है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपनी कूटनीतिक बेबाकी को दर्शाते हुए स्वीकार किया कि:

“मुझे पहले ऐसा लगता था कि राष्ट्रपति बनते ही मैं रूस-यूक्रेन युद्ध को चुटकियों में और बेहद आसानी से खत्म करा दूंगा। लेकिन सत्ता संभालने और जमीनी हकीकत देखने के बाद मुझे अहसास हुआ है कि दोनों देशों के बीच की नफरत और दुश्मनी इतनी ज्यादा गहरी हो चुकी है कि इन्हें बातचीत की मेज पर लाना उम्मीद से कहीं ज्यादा मुश्किल काम है।”

हालांकि, राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि उनकी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन दोनों से बेहद सकारात्मक और अच्छी बातचीत हुई है, और अमेरिका हर हाल में इस युद्ध का जल्द से जल्द एक न्यायपूर्ण अंत देखना चाहता है।

🇮🇳 भारतीयों के लिए दर्दनाक खबर: यूक्रेनी हमले में 1 भारतीय की मौत, 3 गंभीर रूप से घायल

इस पूरे अंतरराष्ट्रीय महायुद्ध के बीच हमारे देश भारत के लिए एक बेहद दुखद, विचलित करने वाली और दर्दनाक खबर सामने आई है। इससे पहले 17 मई को यूक्रेन ने जब रूस के कई राज्यों और शहरों पर एक साथ 1000 से ज्यादा आत्मघाती ड्रोनों से महा-हमला बोला था, तो उस हमले की चपेट में आकर रूस में रह रहे भारतीय नागरिक भी गंभीर रूप से हताहत हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस विनाशकारी हमले में कम से कम 4 मासूम लोगों की जान चली गई थी, और बेहद दुखद बात यह है कि इन मृतकों में 1 भारतीय नागरिक भी शामिल था

रूस की राजधानी मॉस्को में स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने आधिकारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस यूक्रेनी हमले में 3 अन्य भारतीय नागरिक भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज इस समय रूस के मिलिट्री और सिविल अस्पतालों में चल रहा है। रूसी अधिकारियों ने इस हमले का ब्योरा देते हुए बताया कि 17 मई के उस भयंकर ड्रोन हमले में अकेले मॉस्को शहर के भीतर 3 लोगों की मौत हुई थी, जबकि यूक्रेन की सीमा से बिल्कुल सटे हुए बेलगोरोद (Belgorod) इलाके में एक और व्यक्ति की जान गई थी। मॉस्को में कुल 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें तेल रिफाइनरियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले वो मजदूर और सिविलियंस शामिल थे, जो वहां अपनी आजीविका कमाने गए थे।

🎯 यूक्रेन के निशाने पर रूस के कौन से ठिकाने थे? (टारगेट लिस्ट टेबल)

यूक्रेन ने इस बार सीधे तौर पर रूस के रिहायशी इलाकों को छोड़कर उन ठिकानों को अपनी मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया, जो सीधे तौर पर रूसी सेना को गोला-बारूद, तकनीक और ईंधन की सप्लाई करते हैं। आइए यूक्रेन की इस ‘डीप-स्ट्राइक’ टारगेट लिस्ट को इस विस्तृत टेबल के जरिए समझते हैं:

निशाना बनाया गया रणनीतिक ठिकानास्थान (Location)इसका महत्व और सेना के लिए उपयोगहमले के बाद नुकसान की स्थिति
एंगस्ट्रेम सेमीकंडक्टर प्लांटमॉस्कोरूसी सेना की मिसाइलों, टैंकों और ड्रोनों के लिए माइक्रोचिप्स और एडवांस सेमीकंडक्टर का निर्माण करना।ड्रोन के सीधे टकराने से प्लांट के प्रोडक्शन यूनिट को भारी नुकसान।
मॉस्को ऑयल रिफाइनरीमॉस्को (शहरी क्षेत्र)रूसी मिलिट्री के वाहनों, फाइटर जेट्स और टैंकों के लिए भारी मात्रा में ईंधन और तेल की सप्लाई करना।हमले के बाद रिफाइनरी के मुख्य फ्यूल टैंक में लगी भयंकर आग।
सोलनेचनोगोर्स्क ईंधन स्टेशनमॉस्को क्षेत्ररूसी सेना के लॉजिस्टिक वाहनों और कूटनीतिक काफिले के लिए रिजर्व फ्यूल डिपो।धमाके के साथ पूरा स्टेशन मलबे में तब्दील।
वोलोडार्स्कोये ईंधन स्टेशनबेलगोरोद/सीमा क्षेत्रयूक्रेन फ्रंटलाइन पर लड़ रही अग्रिम रूसी टुकड़ियों को तुरंत डीजल और पेट्रोल की सप्लाई पहुंचाना।यूक्रेनी ड्रोनों ने ईंधन टैंकर्स को हवा में उड़ाया।

रूस की राजधानी मॉस्को पर यूक्रेन के इस अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमले, राष्ट्रपति जेलेंस्की की इस खुली चुनौती, G7 देशों द्वारा हथियारों की नई सप्लाई और इस जंग में हुई भारतीय नागरिक की दर्दनाक मौत को लेकर आपकी अपनी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस युद्ध को रुकवाने में पूरी तरह कामयाब हो पाएंगे? हमें अपनी राय नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं।