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Breaking news - Sports - June 15, 2026

दांबुला में महा-ड्रामा: सुपर ओवर में हारा भारत, अंपायरों से भिड़े कप्तान तिलक वर्मा, नो-बॉल पर मचा बवाल

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इस वक्त क्रिकेट के मैदान से एक बेहद रोमांचक, सांसें रोक देने वाली और भारी विवादों से घिरी हुई एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। श्रीलंका के दांबुला के मैदान पर सोमवार को खेले गए ट्राई सीरीज के एक बेहद हाई-वोल्टेज मुकाबले में इंडिया-ए (India-A) को मेजबान श्रीलंका-ए (Sri Lanka-A) के हाथों सुपर ओवर (Super Over) में एक बेहद दर्दनाक और करीबी हार का सामना करना पड़ा है। इस मुकाबले में कांटे की टक्कर ऐसी थी कि मुख्य मैच टाई होने के बाद फैसला सुपर ओवर में गया, जहां श्रीलंकाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 16 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। लेकिन इसके जवाब में रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम दबाव के आगे बिखर गई और महज 10 रन ही बना सकी।

इस मैच के मुख्य हिस्से की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया-ए की टीम 49.2 ओवरों में 265 रन बनाकर पूरी तरह ऑलआउट हो गई थी। भारतीय फैंस को लग रहा था कि गेंदबाज इस स्कोर को डिफेंड कर लेंगे, लेकिन जवाब में उतरी श्रीलंका-ए की टीम ने भी गजब का जुझारूपन दिखाया और ठीक 50 ओवरों के खेल में 265 रन बनाकर मुकाबला पूरी तरह से टाई करा दिया।

⚖️ दांबुला में सुपर ओवर और ‘नो बॉल’ का भयंकर हाई-ड्रामा

आइए आपको बताते हैं कि मैच टाई होने के बाद मैदान पर असल ड्रामा कैसे शुरू हुआ। जैसे ही मैच बराबर हुआ, मैदान पर अंपायरों और खिलाड़ियों के बीच अभूतपूर्व खींचतान शुरू हो गई। मैदान पर यह बिल्कुल भी साफ नहीं था कि सुपर ओवर कराया जाएगा या नहीं। दोनों मैदानी अंपायरों का यह तर्क था कि दांबुला में काफी ज्यादा शाम हो चुकी है, विजिबिलिटी कम है, इसलिए आगे मुकाबला कराना संभव नहीं होगा।

अंपायरों की इस बात को सुनकर भारतीय कप्तान तिलक वर्मा पूरी तरह भड़क गए और मैदान के ठीक बीचो-बीच उनकी अंपायरों से बेहद तीखी और लाइव बहस हो गई। तिलक वर्मा की जिद और कड़े रुख के आगे आखिरकार अंपायरों को झुकना पड़ा और सुपर ओवर कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया।

लेकिन विवाद का सिलसिला यहीं नहीं थमा। अगला और सबसे बड़ा विवाद सुपर ओवर की बिल्कुल आखिरी गेंद पर हुआ। भारत की तरफ से अरशद खान गेंदबाजी कर रहे थे। उन्होंने एक फुलटॉस गेंद फेंकी, जिस पर श्रीलंकाई बल्लेबाज ने हवा में शॉट खेला और वह कैच आउट हो गए। अंपायर ने उंगली खड़ी करते हुए बल्लेबाज को आउट करार दे दिया।

यह देखकर भारतीय fielders जीत और जश्न के मूड में ग्राउंड से बाहर पवेलियन की तरफ चले गए। लेकिन तभी थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखा और पूरे मैच की तस्वीर पलट गई। रिप्ले में साफ दिखा कि अरशद खान की वह गेंद बल्लेबाज की कमर से काफी ऊपर थी, यानी वह एक अवैध ‘नो बॉल’ (No Ball) थी। इसके बाद मैदान पर हड़कंप मच गया। अंपायरों ने पवेलियन जा चुके भारतीय फील्डर्स को दोबारा मैदान पर वापस बुलाया और सुपर ओवर की आखिरी गेंद को फिर से री-कास्ट कराया गया, जिसने मैच का रोमांच चरम पर पहुंचा दिया।

📉 वंडर बॉय वैभव सूर्यवंशी लगातार तीसरे मैच में पूरी तरह फेल

इस मुकाबले में भारत की हार की एक बड़ी वजह शीर्ष क्रम की बेहद खराब बल्लेबाजी भी रही। भारत के 15 साल के युवा सनसनी और वंडर बॉय माने जाने वाले वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) इस वनडे ट्राई सीरीज में एक बार फिर पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुए। आज के करो या मरो वाले मुकाबले में वे ओपनिंग करते हुए महज 21 रन बनाकर चलते बने।

वैभव सूर्यवंशी इस पूरी ट्राई सीरीज में एक भी हाफ सेंचुरी यानी फिफ्टी लगाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ पिछले मैच में केवल 14 रन बनाए थे, जबकि अफगानिस्तान के खिलाफ 22 गेंदों पर 44 रनों की एक तेज पारी जरूर खेली थी, लेकिन वे अपनी प्रतिभा के मुताबिक बड़ा स्कोर नहीं कर पा रहे हैं।

वैभव के अलावा आज मिडिल ऑर्डर भी ताश के पत्तों की तरह ढह गया। अनुकूल रॉय महज 8 रन, निशांत सिंधु 6 रन, आयुष बडोनी 15 रन और विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह सिर्फ 11 रन बनाकर आउट हो गए।

🤝 ऋतुराज-तिलक की सूझबूझ और सूर्यांश-विप्रज की शतकीय पार्टनरशिप

हालांकि, इस बल्लेबाजी आपदा के बीच सीनियर खिलाड़ियों ने टीम को संभालने की पूरी कोशिश की। स्टार बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड (37 रन) और कप्तान तिलक वर्मा (23 रन) ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 52 रनों की एक बेहद सूझबूझ भरी साझेदारी की और भारतीय टीम की पारी को शुरुआती झटकों से निकाला।

लेकिन आज के असली हीरो रहे सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम। जब टीम इंडिया बेहद कम स्कोर पर सिमटती दिख रही थी, तब इन दोनों पुछल्ले बल्लेबाजों ने मैदान पर आकर मोर्चा संभाला। सूर्यांश शेडगे ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 72 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि विप्रज निगम ने उनका बखूबी साथ निभाते हुए बेहतरीन 51 रन बनाए। इन दोनों के बीच हुई शानदार शतकीय साझेदारी के दम पर ही टीम इंडिया का स्कोर 250 के पार पहुंच सका और टीम 265 तक जाने में कामयाब रही। श्रीलंका की तरफ से घातक गेंदबाजी करते हुए विजयकांत वियास्कंथ ने 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।

📋 दोनों टीमों की अंतिम प्लेइंग-11 इस प्रकार थी:

  • इंडिया-ए: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बडोनी, सूर्यांश शेडगे, निशांत सिंधु, अनुकूल रॉय, अरशद खान, विप्रज निगम और यश ठाकुर।
  • श्रीलंका-ए: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, विशेन हलाम्बेग, सदीरा समरविक्रमा (विकेटकीपर), अहान विक्रमसिंघे, सहान अराचिगे (कप्तान), वानुजा सहन, विजयकांत वियास्कंथ, कुगदास मथुलन, चमिका करुणारत्ने और मोहम्मद शिराज।

दांबुला के मैदान पर भारत की इस बेहद करीबी हार, अंपायरों के साथ हुई कप्तान तिलक वर्मा की बहस और 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के खराब फॉर्म को लेकर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि आखिरी गेंद पर हुई ‘नो बॉल’ की गलती ने भारत से जीत छीन ली? हमें नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं।